माँ

जन्म लिया आँखे खुली पाया जिसको सामने l
नौ महीने दर्द झेल जो लाई इस जहान में ll
रोने की किलकारी सुन गोद में जिसने उठाया l
मीठी-मीठी लोरी गाकर जिसने हमें सुलाया ll

वो तुम ही हो , “माँ ” वो तुम ही हो …….

नन्हे -नन्हे कदमो से जिसने चलना सिखाया l
तोतली सी बोली ने भी जिसे पहले बुलाया ll
खुद गीले में सोकर, सूखे में हमें सुलाती l
अपना निवाला छोड़कर,पहले हमें खिलाती ll

वो तुम ही हो , “माँ ” वो तुम ही हो …….

ममता के जिस आँचल में ना कोई डर सताये l
बड़े होकर भी जिसके सामने हम बच्चें कहलाये ll
ममता और त्याग की मूरत हम जिसको बुलाते l
खुशकिस्मत है जिसे इस रूप के दर्शन हो पाते ll

वो तुम ही हो , “माँ ” वो तुम ही हो …….

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8 Comments

  1. babucm babucm 07/05/2016
    • Rajeev Gupta RAJEEV GUPTA 09/05/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 07/05/2016
    • Rajeev Gupta RAJEEV GUPTA 09/05/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/05/2016
    • Rajeev Gupta RAJEEV GUPTA 09/05/2016
  4. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 08/05/2016
    • Rajeev Gupta RAJEEV GUPTA 09/05/2016

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