मज़ा – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

मज़ा

तड़पने का मज़ा आता है
दिल लगाने के बाद ………………..
और ज़िन्दगी भर इसी मज़े में
जीते रहे हैं हम …………………….

शायर : सर्वजीत सिंह
sarvajitg@gmail.com

6 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 09/05/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 09/05/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/05/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 09/05/2016
  3. babucm babucm 10/05/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 12/05/2016

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