याद

तुमसे अच्छी तो तुम्हारी याद है,
जो बिन बुलाए चली आती है ।
कभी ऑखो मे,
तो कभी धड़कन मे समा जाती है ।
कहती हु की चला जा,
तो बाहो से लिपट जाती है ।
कभी रुसवा करती है मुझे,
कभी खुब रुलाती है ।
हो भरोसा गर तुम्हे,
तो ख्वाबो मे ही आ कर देख लेना,
मेरी हर साँसो की लकीरो मे छुप जाती है ।
तुमसे अच्छी तो तुम्हारी याद है,
जो बिन बुलाए चली आती है

काजल सोनी

4 Comments

  1. babucm babucm 07/05/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 07/05/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 07/05/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/05/2016

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