बुत परस्त

खुदा बना मुझको बुत तराशा मेरा…
…………….फ़सील-ऐ-शहर लगा दिया तुमने….
खुदा तुमको माना हमने ….
…………….दिल के मंदिर में सजा लिया हमने….

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/सी.एम. शर्मा (बब्बू)

5 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/05/2016
    • C.M. Sharma babucm 06/05/2016
      • C.M. Sharma babucm 06/05/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/05/2016
    • C.M. Sharma babucm 07/05/2016

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