किसान तुझे प्रमाण

किसान तुझे प्रमाण

खेतों की मेंडो पर
दोपहर की
चिलचिलाती धूप में
तेज गर्म हवा के
भारी-भारी थपेड़ों से
पिटने वाले हे किसान
तुझे मेरा प्रणाम ।
वाकई तु हर मौसम में
लगा रहता है
तेरे लिए क्या है।
चाहे दिन हो
या चाहे हो रात
हर क्षण हर पल
करता है खून पसीना एक
इसीलिए तो तु है महान
तुझे मेरा प्रणाम ।
अकाल पड़े
बाढ़ आए
डटा खड़ा रहे तु
कि सी क्षण ना तु घबराए
पहाड़ सा बना कर हृदय
धरती को कर विदीर्ण तु
बीज इसके सीने में उगाता
करता जनता को तु अन्नदान
तुझे मेरा प्रणाम ।

2 Comments

  1. babucm babucm 06/05/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 06/05/2016

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