कलियों से मुहब्बत मत करना !!

कलियों से मुहब्बत क्या करना !!
अनुज तिवारी “इंदवार”

फूलों से मुहब्बत कर लेना ,
खुशबू का इन्हें अभिमान नहीं !
कलियों से मुहब्बत क्या करना ,
जिनको जौवन का ज्ञान नहीं !!

नादान बड़े नाजुक दिल के ,
भावों से भावुक हो जाते !
मासूम है ये फूलों जैसे ,
खुशियों से खिल कर मुस्काते !!

कलियों का भरोसा क्या करना ,
नातों की जिन्हें पहचान नहीं !
फूलों से मुहब्बत कर लेना ,
खुशबू का इन्हें अभिमान नहीं !!

रंगों से रंगी इनकी दुनियाँ ,
रंगत बागो में छाई है !
रस भरे रसीले होठों की ,
बातों में एक सच्चाई है !!

कलियों का भरोसा क्या करना ,
जिनके अपने अरमान नहीं !
फूलों से मुहब्बत कर लेना ,
खुशबू का इन्हें अभिमान नहीं !!