बेबसी

मै चाहु भी तो किसे चाहु , जब उन्होंने हमे न चाहा ।
दुवाये तो करती रही हर पल,
पर मांगू भी तो क्या मांगु , जब उन्होंने हमे न मांगा ।
सपने बस देखा करती हु ,
तन्हा रातो मे तन्हा रहती हु ,
लड़खड़ा कर गिर भी पड़ु तो क्या गम , जब उन्होंने हमे न थामा ।
मै चाहु भी तो किसे चाहु जब उन्होंने हमे न चाहा ।।

काजल सोनी

4 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/05/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/05/2016
  3. babucm babucm 06/05/2016
  4. Kajalsoni 06/05/2016

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