जख्म…………..

जख्म…………..

दुनिया से मिले जख्मो तो भर गए थे
तुम्हारी मोहब्ब्त के मरहम से ………
मगर जो जखम तुमसे मिले,
उनका कोई इलाज़ इस जहान में न मिला !!
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डी. के निवातियाँ ____@

12 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 07/05/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 07/05/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/05/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 09/05/2016
  3. Akash Mishra 08/05/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 09/05/2016
  4. Shyam Shyam tiwari 08/05/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 09/05/2016
  5. Swati naithani swati 08/05/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 09/05/2016
  6. sarvajit singh sarvajit singh 09/05/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 11/05/2016

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