गुस्ताखियाँ………

गुस्ताखियाँ………

आज फिर आकर ख्वाबो में जगाया आपने
आज फिर से हमे जी भर के सताया आपने
बाज आ जाओ अपनी इन गुस्ताखियों से वरना
फिर इल्जाम न देना किस जंजाल में फंसाया आपने…..!!
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डी. के. निवातियाँ ______@

14 Comments

  1. omendra.shukla omendra.shukla 06/05/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/05/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/05/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/05/2016
  3. C.M. Sharma babucm 06/05/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/05/2016
  4. sarvajit singh sarvajit singh 06/05/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/05/2016
  5. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 07/05/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 07/05/2016
  6. Anmol tiwari Anmol tiwari 07/05/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 07/05/2016
  7. Shyam Shyam tiwari 08/05/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 09/05/2016

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