मैं तुझसे दूर हो गया

मैं तुझसे दूर हो गया…
वो तेरा हर बात पे मुस्कुराना…
गालों में गढ़े पड़ जाना…
वक़्त का वहीं अटक जाना…
सब सपना सा हो गया…
मैं तुझसे दूर हो गया…

तुम्हारा मेरे लिए तड़पना…
समय से बेखबर बातें करना…
कुछ बोलूं तो मुझ पे बिफरना…
सब काफूर हो गया….
मैं तुझसे दूर हो गया…

बालों में उंगली घुमाना…
होठों को सिकोड़ना…
उसपे शरमा जाना…
सब नासूर सा हो गया….
मैं तुझसे दूर हो गया…

बातों बातों में रूठना…
मनाने पे झूठे नखरे दिखाना…
फिर मुझसे लिपट जाना…
सब पराया सा हो गया….
मैं तुझसे दूर हो गया…

मेरे दिल में तेरा ही दिल धड़कना…
तेरी साँसों में मेरा ही बसना…
नींद में उठ उठ के चलना…
सब धोखा सा हो गया…
मैं तुझसे दूर हो गया…

अँधेरे में चुप्पके से आना…
सरगोशिओं से धड़कने बढ़ा देना…
और उसपर खिलखिलाना…
सब ग़मगीन सा हो गया…
मैं तुझसे दूर हो गया…

ना कोई चाहत थी ना शिकवा…
मोहब्बत थी तुझसे कसूर बस इतना…
फिर भी यह क्या हो गया…कि
बब्बू तुझसे दूर हो गया….
\
/सी.एम. शर्मा (बब्बू)

6 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/05/2016
    • babucm babucm 03/05/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/05/2016
    • babucm babucm 03/05/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 03/05/2016
    • babucm babucm 04/05/2016

Leave a Reply