अपनी मुस्कुराहट से इस जहाँ में खुशियां बाँटते रहो

अपनी मुस्कुराहट से इस जहाँ में खुशियां बाँटते रहो।
अपनी प्यार की खुशबू से इस जहाँ को महकाते रहो।
वक्त का पता नहीं कब थम जाए।
सांस का पता नहीं कब रुक जाए।
वक्त की रफ्तार को थामते चलो।
हर सांस के मूल्य को पहचानते चलो।
अपनी मुस्कुराहट से इस जहाँ में खुशियां बाँटते रहो।
अपनी प्यार की खुशबू से इस जहां को महकाते रहो।
जिंदगी एक अहसास है,ये एक मीठा सा ख्वाब है।
इस अहसास को महसूस करते चलो,
ख्वाब को हकीकत बनाते चलो।
अपनी मुस्कुराहट से इस जहां में खुशियां बांटते रहो।
अपनी प्यार की खुशबू से इस जहां को महकाते रहो।
जिंदगी एक आस है, और कभी निराशा का बास है।
जिन्दगी एक धूप है,और कभी ये छाँव भी है।
निराशा को आशा में बदलते चलो।
धूप और छाँव में भी हँसते चलो।
अपनी मुस्कुराहट से इस जहां में खुशियां बाँटते रहो।
अपनी प्यार की खुशबू से इस जहां को महकाते रहो।

By:Dr Swati Gupta

4 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 02/05/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 02/05/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/05/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 03/05/2016

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