गहराई – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

गहराई

मोहब्बत की गहराई देखनी हो गर
तो मेरी आँखों में देखो ………………….
फिर डूबने का मन्ज़र
तो देखेगा ये सारा जहां …………………..

शायर : सर्वजीत सिंह
sarvajitg@gmail.com

6 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/05/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 02/05/2016
  2. anuj tiwari 03/05/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 03/05/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/05/2016
  4. sarvajit singh sarvajit singh 03/05/2016

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