याद रखो

स्वप्न तेरे मैं बनूँगा याद रखो |
नयन तेरे मैं बसूँगा याद रखो |
हो भले ही दूर , तो भी बात क्या ,
हर मोड़ पर मैं मिलूँगा याद रखो |
दामिनी बन तुम सदा जलती रहो ,
बन पतंगा मैं जलूँगा, याद रखो |
हो भले तूफ़ान, आंधी या बबण्डर ,
साथ हर दम मैं रहूँगा, याद रखो |
छू रही है तन- वदन को जो पवन ,
उस पवन में मैं बहूँगा , याद रखो |
कंटकों से, है भरा पथ , होने दो ,
साथ लेकिन मैं चलूँगा याद रखो |
हर सुबह , हर शाम , हर पल ,
नाम तेरा मैं जपूँगा , याद रखो |
मन प्रफुल्लित करने को तेरा सदा ,
पुष्प बनकर मैं खिलूँगा याद रखो |
कष्ट तेरी जिन्दगी में , जो भी होंगें,
वो सभी हँस मैं सहूँगा, याद रखो |
मन हिलोरें लेकर उड़ना चाहे जब ,
साथ हर पल मैं उडूँगा , याद रखो |
प्रश्न चाहें हों जटिल , कितने यहाँ ,
हल सभी को मैं करूँगा ,याद रखो |
जीने- मरने की वो कसमें याद हैं ,
साथ तेरे, मैं मरूँगा , याद रखो |
मन की बातें मैं किसी से न कहूँगा,
तुझसे केवल मैं कहूँगा , याद रखो |
चाहता हूँ खुश रहो तुम हर जगह ,
नाम तेरा , मैं रटूँगा , याद रखो |
जब भी पाऊँ लेखनी मसि पुस्तिका ,
नाम पंकज मैं लिखूँगा , याद रखो |
आदेश कुमार पंकज

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/04/2016
  2. babucm babucm 29/04/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 29/04/2016
  4. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 29/04/2016

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