वो चाँद कभी…

ये सितारें जो युं इतरा रहे हैं आज
जिस चाँद की रौशनी पे
शायद इन्हें खबर नहीं है
वो चाँद कभी हमारा हुआ करता था

… इंदर भोले नाथ…
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6 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 28/04/2016
  2. Inder Bhole Nath Inder Bhole Nath 28/04/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 28/04/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 28/04/2016

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