आज हैं तैयार सत्ता के ये ठेकेदार

आज हैं तैयार
सत्ता के ये ठेकेदार
कुर्सियों की चाहतों में
देश को लुटाने के लिए
आतुर हैं ख़बरंडिया
जो बेचती हैं झूट
धर्म, सत्यता की
अर्थियाँ उठाने के लिए
भारती के वीर
रातों दिन हैं तैयार
देशहित के लिए जो
शीश को कटाने के लिए
उन्हें गाली देने वाले
दुष्ट को लालायित हैं
आज ये दलाल
गोद में बिठाने के लिए

कवि देवेन्द्र प्रताप सिंह “आग”
9675426080
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