वह हृदय नहीं है पत्थर है

जो भरा नहीं है भावों से
बहती जिसमें रसधार नहीं
वह हृदय नहीं है पत्थर है
जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं

3 Comments

  1. Archita 24/07/2017
    • Bhavya Kumar Garg 24/07/2017
  2. C.M. Sharma babucm 25/07/2017

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