पहचान

सवाल बहुत किये मेरी ज़िन्दगी पे तुमने…
आओ ज़रा मेरी तरह रिश्ते निभा कर देखो….

लहू बहने लगेगा…दिल आँखों से….
ज़ख़्म तोहमतों के दफ़न सीने में जो कर देखो…

ज़हर अपना भी पल भर में उत्तर जायेगा…….
दर्द ले सब के..सबर की कला जी कर देखो…

न खुदा तुम हो….न हम ही हैं खुदा….
अपनी आँखों में कभी खुद को पा कर देखो…

किस कदर तूफ़ान सा उठता है हर पल भीतर….
सफ़ीने समंदर के सीने पे बढ़ा कर देखो….

मैं नहीं कहता यह ….तारीख गवाह है ‘बब्बू’….
सच तो काबिज है गिरेबां अपने में झाँक कर देखो…
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/सी.एम. शर्मा (बब्बू)

11 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 25/04/2016
    • babucm babucm 25/04/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 25/04/2016
    • babucm babucm 25/04/2016
  3. babucm babucm 25/04/2016
  4. Archana 25/04/2016
    • babucm babucm 26/04/2016
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 25/04/2016
    • babucm babucm 26/04/2016
  6. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 26/04/2016
    • babucm babucm 26/04/2016

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