“ यादें ”

तुम्हारे बगैर जी नही पाउँगा ,
मुस्किल है जीना यहाँ ,
जब भी सोचता हूँ तेरे बारे मैं ,
पिघल जाता हूँ मैं ,
तुम तो चाँद नही हो ना ,
जो हमेसा दिखता है ,
स्वच्छता स्वभाव दिखता है ,
पास कभी नही ओ आता है ,
मै देखकर खुश रहता हूँ ,
दिन में दिनकर और रात में चाँद से ,
सच तो ये है ,
दोनों के बीच तुम्हे ही ढूंढ़ता हूँ ,
कई दिन बीत गए,
अब भी तेरी यादें ,
हमेशा सताती है ,
तेरे पास आने की अहसास दिलाती है !

नाम : कवि निशांत भारद्वाज राजपूत
उपनाम: विद्रोही कवि भारद्वाज
जन्म-तिथि : 26 जनवरी 1995,
जन्म-स्थान : ग्राम-अमवां , नवादा ,(बिहार)

YADE

लेखक : कवि निशांत भारद्वाज राजपूत

2 Comments

  1. babucm babucm 25/04/2016
  2. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 16/07/2017

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