अपने नाम

काश मैं भी तुम जैसे होता….
जिगर में खून की जगह पानी रखता….

हर बात पे तुम्हारी मैं खुश होता….
पर बगल में हर पल खंजर रखता….
काश मैं भी तुम जैसे होता….

हर कदम तुम्हारे साथ चलता….
पर तुम्हारे हर कदम पे मैं नज़र रखता….
काश मैं भी तुम जैसे होता….

बात हर पल तुम्हारे लिए मरने की करता…..
पर वक़्त आने पे वार मैं पहले करता….
काश मैं भी तुम जैसे होता….
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/सी.एम. शर्मा (बब्बू)

2 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 22/04/2016
    • C.M. Sharma babucm 23/04/2016

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