इंतहा………..


इतना भी न दिल दुखाया करो हमदम
की बर्दाश्त की इंतहा हो जाए ………………!
कही टूट न जाये पवित्र बंधन जन्मों का
जीवन की प्रेम तपस्या भंग हो जाये……….!!
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डी. के. निवातियाँ __________@

14 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 25/04/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 25/04/2016
  2. C.M. Sharma babucm 25/04/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 25/04/2016
  3. Archana 25/04/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/04/2016
  4. anuj tiwari 25/04/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/04/2016
  5. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 26/04/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/04/2016
  6. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 26/04/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/04/2016
  7. sarvajit singh sarvajit singh 26/04/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/04/2016

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