टूटी चूड़ी……. तेरी याद

मेरे खतो का तुने बनाया जो बंडल
कोई तो एक चिठ्ठी पुरानी भेज दे।।

टूटी हुई चूड़ी रखी है तेरे हाथों से
अपने पास टुकड़ा का निशानी भेज दे।।

उलझे हुए हैं आज भी गेसू मेरे
तु अपनी उंगलियों की रवानी भेज दे।।

हिना से हाथों में लिख लिया नाम तेरा
नजरों से ढूढने की कहानी भेज दे।।

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/04/2016
  2. योगेश कुमार 'पवित्रम' योगेश कुमार 'पवित्रम' 15/04/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 16/04/2016
  4. Saviakna Saviakna 19/04/2016

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