मर्द

जिज्ञासु बेटा मेरा, नित्य,
प्रश्नों में मुझे उलझाता है ।
उसको प्रश्नों का जबाब देने में ,
मेरा पसीना छूट जाता है ।।
कल ही उसने मुझसे पूछा, पापा !
मर्द की परिभाषा बताओं ।
क्या वाकई में आप मर्द है,
मेरी जिज्ञासा मिटाओ ।।
फ़िल्मी डायलोग से मैंने जाना था
क्या होता है मर्द
चाहे कितना मार खाए बीबी से,
नहीं होता है दर्द।।
पर आप तो मार खाकर,
दिन रात कराहते हो।
मम्मी के सामने हर पल
भीगी बिल्ली नजर आते हो।।
आज का परिदृश्य सोच मैंने
उसे वास्तविकता समझाया ।।
डायलॉग से परे, बेबस मर्द की परिभाषा बताया ।।
मर्द उस पावरफुल इन्सान को कहते
जो घर पर हुकूमत करता है।
चाहे जो भी हो जाये
जो कभी किसी से न डरता हो।।
बेटा जोर से हुंकार भरा!
पापा मै तेरा हमदर्द बनूँगा ।
मैं भी बड़ा होकर mummy की तरह मर्द बनूँगा ।।
??????
सुरेन्द्र नाथ सिंह “कुशक्षत्रप”

5 Comments

  1. Vimal Kumar Shukla Vimal Kumar Shukla 14/04/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/04/2016
  3. Hemchandra 15/04/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 16/04/2016
  5. Ankit Deo Pandey 02/05/2016

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