जीवन सत्य………..


चेहरा देखत दिन गया,
ख़्वाब देखत रात !
जग देखत जीवन गया,
कुछ ना आया हाथ !!

!

कस के कमर कुछ करनी कर ले ,
अगर चाहे चलना वक़्त के साथ !
कारवाँ लुटते नाही लागत है देर,
अकेला रह जावेगा खाली हाथ !!

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मन भटके न मंजिल मिले
बिन पुष्प चन्दन सजे न थाल
जीवन सत्य को जान ले बंधू
मिल जायेंगे तुझे जगन्नाथ !!
!
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डी. के. निवातियाँ ____@

11 Comments

  1. babucm C.M. Sharma (babbu) 18/04/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 18/04/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 18/04/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 18/04/2016
  3. sarvajit singh sarvajit singh 18/04/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/04/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/04/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/04/2016
  5. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 19/04/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/04/2016
  6. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 09/07/2017

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