तेरे हुस्न को सजाने मे…

क्या तारीफ करूँ मैं तेरी
अल्फाज़ों से
कोई लफ़्ज नहीं बचा
मेरे खजाने मे
रब भी सौ मर्तबा
टूटा होगा
तेरे हुस्न को सजाने मे

…इंदर भोले नाथ…
http://merealfaazinder.blogspot.in/

addtext_com_MDMzNTMzMjk0ODQ

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/04/2016
  2. sarvajit singh sarvajit singh 14/04/2016
  3. Inder Bhole Nath Inder Bhole Nath 15/04/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 16/04/2016

Leave a Reply