ज़िन्दगी

जीना कितना आसान हो गया…..
दिल बेईमान और मैं हैवान हो गया….

रोज़ की चीखो पुकार…कतल् ओ गारत का दर्द…
अब सुहाना हो गया…मैं भी हैवान हो गया…

सफेदपोश का भाषण…पीत वस्तर का जादू…
मैं मदमस्त हो गया….मैं भी हैवान हो गया…

लालच शिक्षक का …..डॉक्टर की बेवजह चीर फाड़ का…
मैं सब का कायल हो गया…मैं भी हैवान हो गया…

गरीब….किसान का खून…..सांसदों का खाना…
कितना सस्ता हो गया….मैं भी हैवान हो गया…

साधु..नेता का गुमान….मैं सबसे महान….
‘बब्बू’ बाग़ बाग़ हो गया….मैं भी हैवान हो गया…

-oOo-
सी. एम. शर्मा (बब्बू)

2 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/04/2016
  2. babucm babucm 11/04/2016

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