एहसास कुछ अनकहे

Ehsaas kuch ankahein

Ehsaas kuch ankahein

” एहसास कुछ अनकहे सही,
अनकही दिल की दास्तान,
जिंदगी एक सुन्हेरी पहेली ,
सुन्हेरा ये आसमान .”

“दिल तो हैं छोटा सा नादान
चाहतें उसकी बेशुमार.
दिल आज कहना चाहें कुछ ,
कुछ अनकही दास्तान,
जो तू सुनले एक बार.”

“बस पलक झपक तुम मिल जाओ मुझको,
उस पलक झपकने से पहले,
तुझे जी भरके देख लूँ मेरे यार.”

” फिर चाहें तुम कहीं भी चले जाओ,
बस पलक भरमें जिंदगी की याद संभाल के रखलु मेरे यार..”
तुम कुछ कहो या न कहो ,
बस पहेली ये कश्मकश की सुलझाओ मेरे यार..

– मयूर सिंधा

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3 Comments

  1. Saviakna Saviakna 12/04/2016
    • Mayur Sindha 12/04/2016
  2. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 13/04/2016

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