अहसास

आसमानी रंग में तुम ऐसे खिल सी जाती हो…
अप्सरा जैसे धरती पे उतरी हो…

केसरिया रंग में आँगन नहा सा जाता है…
सुबह की किरण तुमसे जब छू जाती हो…..

सुर्ख रंग फूलों का हो जाता है -…..
चेहरे से नकाब जब तुम हटा देती हो….

हर तरफ हरियाली ही छा जाती है…
मस्त सी हरे रंग को जब तुम मिल जाती हो….

तुम हर रंग में शोखियाँ भर दो….
रानी कलर की रानी तुम हो….
\
/सी. एम. शर्मा (बब्बू)

2 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 07/04/2016
  2. babucm babucm 08/04/2016

Leave a Reply