दिल के तार टुटे तु जो रूठे

दिल के तार टुटे तु जो रूठे
तेरे बिन हम ना जी पायेंगे
ईक पल मे ही मर जायेंगे

जानता ही नहि ये जमाना हमे
बेदँद हमारी कहानी रही

राहे मुडने लगी हमसे दुर अब वो जाने लगी

ईसकी ये शिकायत हम किसको करे

खुदा से करे खुदा भी उसका परवाना निकला

यब जाये कहा राहे भी नही यब कोई हमारी ना मंजील रही

हमारा जो था सब कुस वो थो
वो खुदही हमसे बेगाना हुवा

दिल के तार टुटे तु जो रूठे
तेरे बिन हम ना जी पायेंगे
ईक पल मे ही मर जायेंगे

लि.हषँद माराज

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