ऐ ईच्क की हवा हे जो जीसको लग गई उड जाता हे वो

ऐ ईच्क की हवा हे जो जीसको लग गई उड जाता हे वो

ईच्क की याद जब आती हे आंसु समंदर बनते हे

आंसु को अमृत समज कर पी जाता हे वो

जब दिल से आवाज आति हे दुनिया भी रुक जाती हे

दिल टुटने की आवाज जब आती तब पथ्थर भी टुट जाते हे

ऐ ईच्क की हवा लग जाये तो कातिल बना देती हे

ऐ ईच्क की हवा खुदा कोभी लग जाये तो खुदा भी हार जाता हे

ऐ ईच्क की हवा हे जो जीसको लग गई उसको उडा ले जाति हे

ऐ ईच्क की हवा लग जाये तो अंघे को भी दुनीया दिख जाती हे

ऐ ईच्क की हवा लग जाये तो पागल बना देती हे

ऐ ईच्क की हवा हे जो जीसको लग गई उड जाता हे वो

लि.हषँद माराज

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