फतवे वाले का पापा भारत माँ की जय बोल रहा

यहाँ हवाओं में इक दल्ला धूल विषों की घोल रहा
जैसे जयकारों के नारों से सिंघासन डोल रहा
बन बैठा धोबी का कुत्ता घर का रहा ना घाट का
फतवे वाले का पापा भारत माँ की जय बोल रहा

कवि देवेन्द्र प्रताप सिंह “आग”
9675426080

2 Comments

  1. अरुण अग्रवाल अरुण जी अग्रवाल 26/04/2016
    • कवि देवेन्द्र प्रताप सिंह "आग" कवि देवेन्द्र प्रताप सिंह "आग" 28/04/2016

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