* भगवान हमें माफ करना *

भगवान हमें माफ करना
हमारे जैसो को यहाँ न भेजना।

हमें कुछ आता नहीं
झूठा वादा किया जाता नहीं
साठ-गाठ बैठता नहीं
सत्ता के गलियारे में पहुंच बनता नहीं।

हमारा यहाँ कोई काम नहीं
फैलाया यहाँ कोई व्यापार नहीं
व्यापार भी अजब-गजब का
लोग आपके नाम से भी कमाता।

सभी एक दूसरे को दूसरे का डर दिखाता
सारी दुनिया सहमा-सहमा नजर आता
धर्म बना मानव के लिए
अब मानवता को यह खाता।

रीती -रिवाज बना सुबिधा के लिए
अब ऐ गले का फास बनता जा रहा
कर्म कर्त्तव्य भूल कर लोग अधिकार ढूंढ रहे
अपना दोष दूसरे पर मढ़ रहा।

रिश्ते-नाते भूल कर लोग
कलयुग के आगे-पाछे झूल रहा
भगवान हमें माफ करना
हमारे जैसो को यहाँ न भेजना। प्रस्तुतकर्ता नरेन्द्र कुमार पर 8:49 am

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