गम की गहरी छाया

हमारी जिंदगी मे
कभी वो दौर न आया
जब साथ न रही हो
गम की गहरी छाया
ह्म गम के नशे मे
इतना डुबते चले गए
की इससे बाहर
निकलने की सारी
कोशिशें नाकाफी रही

2 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/04/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/04/2016

Leave a Reply