निचुड़ा-निचुड़ा

निचुड़ा- निचुड़ा
दिल था
री माँ!

मैला- मैला
डर था
री माँ!

माथा टकता
काग था
री माँ

नीला हो गया
साँस था
री माँ!

सूँघा सोती को 
नाग ने 
री माँ! 

 

ले गया 
वो मेरा श्वास था 
री माँ 

 

अटक गया 
मेरा प्राण था 
री माँ! 

जलता- जलता
जहर था
री माँ!

ऐंठ मुड़ी
मेरी आँत थी
री माँ!

जड़ उखड़ गया
मेरा मन था
री माँ!

कुचला गया
जो एक साँप था
री माँ!

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