२. आ रही है याद……………. || प्रेम गीत ||– “मनोज कुमार”

आजा सैय्याँ आजा क आ रही है याद
कहाँ गये तुम और वो कहाँ गयी बात……………………..

कितने अच्छे दिन थे कितनी अच्छी रात
तुम गाते थे गीत और में नाची थी साथ
बाँहों का था झूला तेरी झूली थी साथ
है इबादत तू ही रहे सातों जनम साथ

आजा सैय्याँ आजा क आ रही है याद
कहाँ गये तुम और वो कहाँ गयी बात……………………..

महोब्बत का मेरी और ना लो इम्तिहान
है तमन्ना दिल की तेरी मै हूँ मुमताज
दिल ना लगता अब और मन है उदास
आ जाओ ना जल्दी करूँ कितना इंतजार

आजा सैय्याँ आजा क आ रही है याद
कहाँ गये तुम और वो कहाँ गयी बात……………………..

सिर चढ़ा फितूर साजन हमको बस तेरा
प्यार के दो बोल बस कह दो ना भला
पथरा गये नैन दर्शन दे दो ना जरा
सूनी पड़ी राहे चाहूँ आहट के पदचाप

आजा सैय्याँ आजा क आ रही है याद
कहाँ गये तुम और वो कहाँ गयी बात……………………..

लहू से भी सुर्ख रंग महोब्बत का अपनी
प्रेमी की फितरत है दिल की जायेगी नही
आशिकी का भूत तुम से उतरेगा नही
आ जाओ ना प्यारे मेरे दिल के सरताज

आजा सैय्याँ आजा क आ रही है याद
कहाँ गये तुम और वो कहाँ गयी बात……………………..

“मनोज कुमार”

2 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 31/03/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 01/04/2016

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