“बस्तर की नारी” कविता -शकुंतला तरार

“बस्तर की नारी”
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस
8 मार्च
पार्लर से निकली
लिपी-पुती कुछ महिलाएं
बड़े-बड़े आयोजनों का हिस्सा बनतीं
मोमेंटो, कागज का सम्मान पत्र
उपलब्धि के कुछ लाईन
समाज सेवा के खोखले उदाहरण —
बस्तर के बीहड़ों में
कभी नक्सल के नाम पर
जूझती मारी जाती
नारी
कभी नक्सलियों के हाथों
मारी जाती नारी
किस आयोजन का हिस्सा बनेंगीं
कौन से सम्मान पत्र पर
लिखा जाएगा इनका नाम
अब के
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ||

शकुंतला तरार — 30-03-2016

6 Comments

  1. आमिताभ 'आलेख' आमिताभ 'आलेख' 30/03/2016
    • shakuntala tarar 30/03/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/03/2016
    • shakuntala tarar 30/03/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 31/03/2016
    • shakuntala tarar 31/03/2016

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