लव स्कैम – सर्वजीत सिंह – गीत

लव स्कैम

तेरी इन निगाहों ने लाखों मार डाले
मिट गए इन अदाओं पे लाखों ही दिल वाले
लाखों हुए दीवाने तेरे लाखों हैं बेचैन
फिर भी तेरे हुस्न को ना किया किसी ने बैन
ये तो है ………… लव स्कैम
ये तो है …..है…..है लव स्कैम

जहाँ-जहाँ से तू निकले छा जाए मस्ती
वीरानों में बस जाये दिल वालों की बस्ती
हर दिल तेरा आशिक़ है हर दिल तेरा फैन
फिर भी तेरे हुस्न को ना किया किसी ने बैन
ये तो है ………… लव स्कैम
ये तो है …..है…..है लव स्कैम

तू ही हीर, तू ही जुलियट, तू ही तो है लैला
सारे तेरे पीछे रांझा, रोमियो, मजनू, छैला
तू इन सबके नैनों से लड़ाती जाए नैन
फिर भी तेरे हुस्न को ना किया किसी ने बैन
ये तो है ………… लव स्कैम
ये तो है …..है…..है लव स्कैम

लाखों दिलों की धड़कन तू लाखों दिलों की जान
तेरी हंसी, तेरी नजाकत है मौत का सामान
तुझको जो देख ले फिर पाये ना इक पल चैन
फिर भी तेरे हुस्न को ना किया किसी ने बैन
ये तो है ………… लव स्कैम
ये तो है …..है…..है लव स्कैम

लेखक : सर्वजीत सिंह

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 31/03/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 31/03/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 31/03/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 31/03/2016

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