कौन है वो कौन है जो

कौन है वो कौन है जो ब्याप्त है सबमे,
सब समा गये है जिसमे;
कौन है वो कौन है जो है सर्वत्र, पर निराकार
उसका प्रभाव सब पर;
किसी को हो कितना भी आर्थिक कष्ट
उसे अपनाया तो दूर सारे सन्कट;
कौन है वो कौन है जिससे नही किसी को मुक्ति
चाहे कोई कितना भी दे दे युक्ति;
उस पर होता नही किसी का असर चाहे कोई कितना भी करे हल्ळे
क्योन्की वो जाने उससे ही तो है सबके वल्ळे वल्ळे;
उसीसे है सबको तरककी की आश;
कौन है वो कौन है जिसे अपनाया किरानी से अफसर
नेता,आभिनेता,खिलाडी से लेकर मन्त्री या जन प्रातिनीधीः
उसने बना दिया ऐसा परिवेश कि उसके बिना नही रही किसी मे सन्तुश्टी;
वो बन गया है जैसे खाने के साथ अचार
जी ! उस शक्स का नाम है भ्रस्टाचार !!

2 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/03/2016
    • pradip 30/03/2016

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