गुस्ताख दिल – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

गुस्ताख दिल

हुस्न की इबादत करना …………
तो अपनी आदत सी हो गयी है
पर जब भी बन्दगी करता हूँ उस खुदा की
तो गुस्ताख दिल नाम तेरा ही जपता है

शायर : सर्वजीत सिंह
sarvajitg@gmail.com

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/03/2016
    • sarvajit singh Sarvajit Singh 29/03/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 29/03/2016
  3. sarvajit singh Sarvajit Singh 29/03/2016

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