आँख मिचौली

यूँ ही ज़िन्दगी के सफर में तन्हाइयों के साथ गश्त लगा रहा था
तभी रु-ब-रु हुआ इस दुनिया की हकीकत से. …..
कुछ लोग आज भी बेपरवाह है
अंजान है इस ज़िन्दगी की आँख मिचौली से….
जरुरी नहीं जो तुम्हारे ख़ुशी के पल में तुम्हारे साथ हो
वो कल आने वाले गम में भी तुम्हारे साथ ही होगा…..!!
तो हमेशा खुद पर ही निर्भर रहो…
लोग तो आते-जाते रुत की तरह हैं ..
जो अक्सर बदलते रहते हैं ….!!!!!!!

2 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/03/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/03/2016

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