अकेला

अकेला

जिन्दगी की डगर पर
अकेला हूँ चल रहा
कोई थाम ले हाथ
इतनी सी है आश।
अभी तक चल रहा था
अब चला जाता नही
अकेला हूँ अकेला था
रूक ने लगी हैं सांस—-
कोई थाम ले हाथ
इतनी सी है आश।
मैं अकेला डगर अकेली
और सुहानी जिंदगी अकेली
जैसे बन गई कोई पहेली
जिंदा रहूँ करो कोई अर्दाश
कोई थाम ले हाथ
इतनी सी है आश।

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