देश प्रेम की नई परिभाषा।

देश के नए भक्तों जरा देश से भी पुछलो देश भक्ति किसे कहते है?
उन जांबाजों से जानलो जो देश की सिमा पर गोलियों को बौछार सेहते है।
जिनके शव एक डिब्बे मे डल कर अाते है।
वो तुम्हे चैेन से सोने का विश्वास दिलाते है।।
हम है सरहद पर तुम चेन से सोना ।
हमारी तरह अपने देश पर गर्व होना ।।
जिस देश की जान देकर रक्षा करते है
उसका सर तुम ऊँचा करना ।
ना कर पाओ अगर देश के लिए कुछ
तब भी दिल में देसी अभिमान भरना ।।

आज देश के बच्चे देश को ही कलंकित है करते ।
उस देश को बुरा बोलते है जिसके सिपाही है उन्ही के लिए मरते।।
उस सिपाही की लाश भी तड़पती होगी ये जानकर।
देश प्रेमियों को भुलाया जाता है आतंकवादियों को अपना मानकर।।
देश के टुकड़े करने का ख्याल चढ़ा है जिन माँ के पूतों को ।
गोली मारदी जाती है ऐसे गली के पागल कुत्तों को।
आतंकवादी की मौत का बदला वही लेगा जिसको उनसे हमदर्दी हो ।
ऐसा वही सोचता है जीसके मन में दहशतगर्दी हो।।

देश के लियेे जान की बाजी लगाने वाले को देश परनाम तक नहीं करती ।
और देश विरोधी होने वाले की फोटो टी वी से भी नहीं उतरती।।
जिस देश में रहते है उसी की जय नहीं बोलना चाहते है।
उसी थाली में छेद करते है जिसमे बैठकर खाते है।।
हीरो कोन होता है ? ऐसे हीरो किस काम के जो देश की छाती पर पैर रखके आगे बढ़ें।
असली हीरो वो है जो देश का झंडा वहाँ फैेराते है जिसे देख देश में दुश्मन सडें।।
कैसा देश बनाना है वो हमारे हाथ है ।
एक तब गांधी था एक अब हमारे साथ है ।
दोनों में है अंतर कितना वही सोचने की बात है।।
देश विरोधी लोगो का साथ जो निभाता है ।
वो खुदको देश का भविष्य बतलाता है ।।

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