किनारे – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

किनारे

उनकी आँखों की गहराई में
ऐसे डूबे हैं हम …………
कि आज भी भटक रहे हैं
किनारे की तलाश में ………..

शायर : सर्वजीत सिंह
sarvajitg@gmail.com

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/03/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 21/03/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 21/03/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 21/03/2016

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