नफरत की आग

न तुझमे बुराई है, न मुझ में बुराई है
फिर नफरत की आग किसने लगाई है !
लगाने वाले ने तो रोटिया सेंक ली,
इसमें जलने वाले तेरे और मेरे भाई है !!

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डी. के. निवातियां……!!

6 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/03/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 21/03/2016
  2. sarvajit singh sarvajit singh 21/03/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 21/03/2016
  3. अरुण अग्रवाल अरुण जी अग्रवाल 22/03/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 22/03/2016

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