ग़म के बादल – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

ग़म के बादल

ग़म के बादल ………….
इस क़दर छाये हैं ज़िन्दगी पर
जो हाथ थाम ले ………..
ऐसा कोई खुदा नहीं मिलता

शायर : सर्वजीत सिंह
sarvajitg@gmail.com

6 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/03/2016
  2. sarvajit singh sarvajit singh 19/03/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/03/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 20/03/2016
  4. Saviakna Savita Verma 20/03/2016

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