भर लूँ तुझे आगोश मे

भर लूँ तुझे आगोश मे
ऐ-वक़्त ज़रा तूँ रुक तो जा…
कल ही तो मीले थें हम दोनो
फिर जाने की जल्दी है क्या…

…इंदर भोले नाथ…