==* अभी बाकी है *== (गजल)

टूट चूका है दिल मगर बिखरना अभी बाकी है
कसमो वादों के बिच बिछड़ना अभी बाकी है

हो गई कोई खता या खुदाई मुझसे रूठी है
लूट चूका है दिल मगर खरीदना अभी बाकी है

चाहत तो नहीं अब की हो हासिल आसमां
बादल बिक गये मगर बरसना अभी बाकी है

जलता है दिल हर रात याद कर के वो लम्हे
आते लम्हों को प्यारसे संवरना अभी बाकी है

दिनमे रोता है “शशि” रात का क्या कहना
ढल चूका है दिन मगर निखरना अभी बाकी है
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शशिकांत शांडिले, नागपुर
Abi Baki Hai

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