दीन गाय

जब तलक दीन गायों की रहेगी दुर्दशा तब तलक रूह भी मानवता की रोयेगी
जब तलक गीता गायत्री की होगी दुर्दशा तब तलक कैसे गंगा मईया पाप धोएगी
जब तलक जिन्दा रहेंगे ये आतंकी के साथी तब तलक ईमान ये इंसानियत खोएगी
जब तलक हिन्द की आवाज ना होगी बुलंद तब तलक चैन से माँ भारती ना सोयेगी