सुन ले पाकिस्तान

सुन ले शैतान तू नापाकी पाकिस्तान
मत कर अभिमान ना बहुत पछताएगा
भारती को खण्ड-खण्ड करने की चाह में तू
नाभिको के जैसा ही विखण्ड होता जाएगा
माना हिन्द में कमी नहीँ जयचंदों, जाफरों की
पर जब भी वक़्त-ए-पाकिस्तानी जंग आएगा
तब मुर्दा भी खड़ा होके लेके गन
देशद्रोही, पाकिस्तानियों को मार के गिराएगा

कवि देवेन्द्र प्रताप सिंह “आग”
9675426080