==* हर वक़्त तेरी इबादत थी *== (गजल)

हर वक़्त तेरी इबादत थी !
गुनाहों की बस ज़मानत थी !!१

अब जाकर मुझे सुकूँ मिला !
पहले तो उनकी हुकूमत थी !!२

एक तेरी ही आहट थी !
ज्यादा कुछ न चाहत थी !!३

मेरे ख़्वाबों में बस तुम हो !
तेरी ही बस जरुरत थी !!४

किस्मत की बदमाशी थी !
तुझसे दिलको राहत थी !!५

उनके होठों पर नाम हमारा है !
पूरी हुई जो मेरी “हसरत” थी !!६

हट गई जो काली परछाई थी !
किस्मत से क्यों शिकायत थी !!७

ना ज़ाने क्यों “शशि” तड़पता था !
जाने क्यू ये इतनी “ज़हमत” थी !!८
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शशिकांत शांडिले, नागपुर
भ्र. ९९७५९९५४५०
Har vakt teri ibadat thi

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