ज़ुबाँ – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

ज़ुबाँ

आँखें भी मोहब्बत में
ज़ुबाँ का काम करती हैं ……..
पर आँख ही लग जाये तो
मोहब्बत क्या ख़ाक करेंगे …….

शायर : सर्वजीत सिंह
sarvajitg@gmail.com

2 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/03/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 14/03/2016

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